अल्फाजो के सार में जिन्दा रहेंगे,,,,,

गजलो के बाज़ार में जिन्दा रहेगे ,,,,,,!


किनारों की चाहत किसे है जालिम,,,,,,

हम बीच मझदार में जिन्दा रहेगे ,,,,,,,!


ऐ "जिंदगी" तू जैसे भी आजमा ले हमे,,,,,

हम फिर भी हर किरदार में जिन्दा रहेगे ,,,,,,!


हौसलों में होश अगर बाकी रहे तो,,,,,,

हम वक्त की रफ्तार में जिन्दा रहेगे ,,,,,,!


    ☺️😊


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