हमें कॉल करो...!!

 


जब तबीयत लगे भारी, तो हमें काॅल करो 

हो उदासी  कभी तुम्हारी , तो हमें काॅल करो


तुम्हारे  पास  है  मौजूद  हमारा  नम्बर 

याद आए जो हमारी,तो हमें काॅल करो


हो सफ़र का जो इरादा , कहीं जाना हो तुम्हें 

न मिले  कोई  सवारी  , तो  हमें  काॅल  करो


दिल का दरिया जो कभी ग़म का उठाए तूफान 

अश्क आंखों से हो  जारी , तो हमें काॅल  करो 


फेर लें सारे नज़र वक़्ते मुसीबत, जिस दम 

काम कुछ आए न रिस्तेदारी, तो हमें काॅल करो


हम तो हैं ना , तेरे  ग़म ख़्वार , तेरे चारा गर 

छोड़ दे दुनिया जो सारी, तो हमें काॅल करो


आसमां  पर  हो  घटा  छाई , रहे  तन्हाई 

और हवा में हो ख़ुमारी,तो हमें काॅल करो


चाँदनी जिस्म जलाए, जो सताए ख़लवत 

रात जाए न गुज़ारी , तो  हमें  काॅल  करों 


काश हम से भी कभी कोई "एजाज" ये कहता 

कुछ ज़रूरत हो तुम्हारी, तो हमें काॅल करों


अल्फाज़-ऐ-एजाज

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