क्यूँ तबीयत कहीं ठहरती नहीं
दोस्ती तो उदास करती नहीं
मै हमेशा से रहा इन्शान सही
मगर तुझ को देखें तो आँख भरती नहीं
सोच भी न पा रहा हूँ ना दिन ना दुनियां के लिए,
ज़िन्दगी कट तो जाती है पर गुज़रती नहीं,
ये मोहब्बत है, सुन,"एज़ाज़", सुन,
इतनी आसानियों से मरती नहीं
जिस तरह तुम गुजारते हो "एज़ाज़"
जिंदगी उस तरह गुज़रती नहीं...

Very nice
ReplyDeleteSukriya dost
Delete