मै अपने हर एक लफ़्ज़ का ख़ुद आईना हो जाऊँगा,
तुमको छोटा कह के मैं कैसे बड़ा हो जाऊँगा,
तुम तो मुझे गिराने में लगी थी, तुम ने सोचा ही नहीं
मैं जो गिरा तो दिवार बन कर खड़ा हो जाऊँगा,
अभी मेरा सफर है बाकी मुझे अकेले ही चलने दो,
रास्ता रोका गया तो क़ाफ़िला हो जाऊँगा,
सारी दुनिया की नजर में है एज़ाज़ अहद-ए-वफ़ा
इक तेरे कहने से क्या मैं बेवफ़ा हो जाऊँगा,


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