लोग टूट जाते हैं एक रिश्ते को सँभालने में,
और तुम जैसे लोग तरस नहीं खाते झूठे रिश्ते बनने मे,
और बढ़ जाएगी ख्याल-ऐ-तन्हाई इस ज़माने मे,
मौसमों के आने में मौसमों के जाने में,
हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं,
उम्र बीत जाती है दिल को दिल बनाने में,
मोहब्बत की मजबूरी ये भी कह नहीं सकते,
कौन साँप रहता है उसके आशियाने में,
क्या कहा...? दूसरी कोई लड़की ज़िन्दगी में आयेगी,
मिस अंनु...कितनी देर लगती है उसको भूल जाने में,


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