हा... हम भी चाहते है..मिस अनु की
👇👇👇
हमारा दिल भी सवेरे की तरह सुनहरा सुहाना हो जाए,
चराग़ों की तरह ख्याले जलें जब कोई अपना हो जाए,
मगर मैं ख़ुद ही इश्क, मोहब्त, प्यार की गली से बहुत कम गुज़रता हूँ,
कोई मासूम लड़की क्यों मेरे लिए बदनाम हो जाए,
इश्क़ मे अजब हालात होती हैँ दिल की,
जैसे मोहब्बत की हवेली जिस तरह नीलाम हो जाए,
प्यार भरा समन्दर के सफ़र में इस तरह आवाज़ देता है कोई,
हवाएँ तेज़ हों और कश्तियों में शाम हो जाए
मुझे मालूम है मेरा ठिकाना फिर कहाँ होगा,
परिंदा आसमाँ छूने में जब नाकाम हो जाए,
मिस अंनु... उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए,...


Comments
Post a Comment
अपने बहुमूल्य विचार हमसे साझा करें। ...