लडकियो के जुबां से मेरा नाम अक्सर निकला...

 


मै तो मोहब्बत में भी किस्मत का सिकंदर निकला, 

लड़कियों के जुबां से मेरे नाम अक्सर निकला, 


था जिन्हे गरुड़ वो दरया भी मुझी मे  डूबे, 

मैं एक सहरा नज़र आता था समंदर निकला, 


मैं ने उस जान-ए-बहारां को बुहत याद किया, 

जब कोई फूल मेरी शाख-ए-हुनर पर निकला, 


शहर वालो की मोहब्बत का मैं कायल हूँ मगर, 

मैं ने जिस हाथ को चूमा वोही खंजर निकला, 


तू यहीं हार गई थी मेरी बुज़दिल दुश्मन

मुझसे प्यार के मुकाबले तेरा साजिश  निकला,


मैं तो सहरा-ए-मुहब्बत का मुसाफ़िर हूँ 'एज़ाज़', 

एक झोंका था कि ख़ुशबू के सफ़र पर निकला,



Comments