मिस अनु...
तुम्हे मुझसे प्यार के बाद मुझसे दोस्ती करना ज़रूरी लगा,
तुम्हे अपना भूमिकाएँ बदलना ज़रूरी लगा,
और मेरा दर्द ढलता रहा आँसुओं में मगर
मुझे मेरा दर्द शब्दों में ढलना ज़रूरी लगा,
तुम्हे मेरे प्यार की छवि को भुला कर,
दिल से बाहर निकलना ज़रूरी लगा,
और मुझे खूद से खूद को सँभालते हुए,
तेरे बेवजह प्यार को ख़ूबसूरती से लिखना ज़रूरी लगा,
तुम्हे मेरे मोहब्बत से मुझसे दोस्ती की चाह मे,
खूद को समझा कर खूद को बदलना ज़रूरी लगा,
और मुझे तुम्हारे प्यार मे पर कर कभी मुझे मेरा मंज़िल नहीं मिली,
इसलिए प्यार को छोड़ कर अपने पाँवों पे चलना मुझे ज़रूरी लगा,

Comments
Post a Comment
अपने बहुमूल्य विचार हमसे साझा करें। ...