प्यार, मोहब्बत, इश्क़ की बारिश कर दे फिर से मेरे दिल पे मौला,

गरज, बरस प्यासी मेरे दिल पर फिर से मेरे दिल को नमी दे मौला,

परिंदो को दाना पानी, और लड़कियों को मेरे लिए समझ समझदारी दे मौला, 


प्यार की चिंता, प्यार की खुशी, हँसाना मुस्कुराना आखिर कहा अब मिलता है मूझ जैसा दीवाना, 

आज कल के समझदार समझने वाले जोरो को थोड़ी नादानी दे मौला, 


फिर रोशन कर मेरे दिल का समंदर दिखा नई लहरे 

झूठों की दुनिया में मूझ जैसा सच को नूर-ऐ-रौशन दे मौला, 


मेरे ख्याल-ऐ-दुनियां से बाहर आकर चारों ओर बिखर जाये वो सूरत, 

मुझे ऐसा कोई हुस्न-ऐ-परी दीवानी दे मौला, 


तेरे होते कोई मेरे दिल के दुश्मन क्यों होंगी, 

मुझे मेरे ज़िन्दगी को जीने मे आसानी दे मौला,



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