मनमोहित मुस्कान सजाव चेहरों पे...



मनमोहित मुस्कान सजाव चेहरों पर!

मुस्कानों की सेल लगाँव चेहरों पर!


बीजी ज़माने मे किसी के चेहरों पर खुशी नहीं मिलते, 

दुःख ही दुःख पसरी है सबके चेहरों पर!


अब तो लोग अपनों से, अपनों की बात नहीं करते,

जैसे सब का  दुःख - दर्द लदा हो चेहरों पर!


अब तो रिश्ते-नाते  ठहाकों की भाषा ही भूल गए, 

एक खोखली हँसी लदी है चेहरों पर! 


लोगों ने अपनी ख़ुशी को छिपाए रखे है मन में, 

पर फिर भी उन सब खुशीयों की चुगली है चेहरों पर!


लगता है अच्छे नस्ल वाले फूल के पौधे सूख गए,

अब तो सिर्फ जंगली पौधे की काटा पसरी है चेहरो पर!

Comments