मुस्कुराना भी एक चुम्बक है,
मुस्कुराओ, अगर तुम्हें शक है!
अल्फाजो को छू कर कभी नहीं देखा,
अल्फाज़ो का सम्बन्ध सिर्फ बोलने तक है।
खूद से खूद की सलाह से ही बोलना,
क्युकी ये अल्फाज़ भी ज़हर-सी घातक है।
अब तो हर घर में किचकिचाहट की शोर ख़नकती है
जैसे घर, एक बच्चे की बंद गुल्लक है।
दूसरों को सिखाये बातो को बोलना ये परिंदो से पूछो,
जो बोले वो पिंजरे में आज बंधक है।

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