क्या जरुरी है की हम तुम्हे याद करे,
क्या ज़रूरी है की हम फ़ोन पे बातें भी करें,
क्या ज़रूरी है कि मेरे हर लफ़्ज़ तुम्हे अच्छे लगे
क्या ज़रूरी है कि हर ज़ख़्म को भूला आए
क्या ज़रूरी है वफ़ादार रहें हम दोनों
क्या ज़रूरी है की बाते सारी असर कर जाए
क्या ज़रूरी है कि हर ख़्वाब हम अच्छा देखें
क्या ज़रूरी है कि जो चाहें वही हो जाए
क्या ज़रूरी है कि मौसम हो हमारा साथी
क्या ज़रूरी है सफ़र में कहीं साया भी मिले
क्या ज़रूरी है कि असुओ को भी ख़ुशी मिले
क्या ज़रूरी है कि मिलना ही मुक़द्दर ठहरे
क्या ज़रूरी है कि मिलने की तम्मना भी करे.....!!!


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