मना बहूत पसंद हैं हम तुम्हे...



माना बहुत पसंद है हम तुम्हे, 

क्या तुम सरेआम इज़हार कर पाओगे,,

 

लाएंगे जब गुलाब तेरे लिए,

क्या तुम अपने जुड़े में लगाओगे,,


जान हो जानेजाना हो हम तो कह देंगे,

क्या तुम भी कसकर हमें बाहों में भर पाओगे,,


इतने सवालात ठीक नही मोहब्बत में,

बस इतना बता दो क्या तुम वफ़ा के बदले वफ़ा कर पाओगे,,


हम तो मोहब्बत में खानदानी है,

क्या तुम रश्म ऐ मोहब्बत निभा पाओगे,, 


 इश्क़ मजहब , वफ़ा है ईमान मेरा,

क्या तुम बेहिसाब मोहब्बत को बेमिशाल कर पाओगे..!

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