मै क्यों...? उसका हो ना पाया

मै क्यों उसका हो ना पाया 
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Alfazbook, man kissing woman on forehead
मेरे दिल ने वफ़ा के नाम पर 
कभी वफ़ा नहीं किया, 
दिल को सख़्त बना लिया, 
खूद को फ़िदा नहीं किया,

जाने मेरे नहीं के साथ 
कितने वजह थे या ना थे, 
पर मैंने तेरी लिहाज में 
तेरा कहा नहीं किया,

कैसे कह दूँ की मुझे 
आज भी है तुम से वास्ता, 
मैंने तो आज तक तुम से
 कोई वफ़ा नहीं किया, 

मैं जहाँ रहूँ खुश रहूँ, 
ये दुआ थी तुम्हारी,
पर मैंने तुम्हारी ख़ुशी के लिए 
आज तक कोई दुआ नहीं किया, 

मुझे माफ़ कर देना जाना, 
मैंने तुम्हारा कोई क़र्ज़ अदा नहीं किया, 

ये सोच कर चुप हो जाता हूँ जाना, 
की प्यार ने किसको खफा नहीं किया,

जो भी मैं हूँ, शरीफ नहीं हूँ, 
मैंने तुम्हारे प्यार मे क्यों कुछ नहीं किया... 

अल्फाज़-ऐ-एज़ाज़ 

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