My imagination Girl


My Imagination girl
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तुम हकीकत नहीं हो मेरी हसरत हो, 
जो मिले सिर्फ ख्वाब मे वो दौलत हो, 

तुम हो खुशबू,  मेरे ख्वाब की खुशबू, 
मेरे ज़ेहन-ऐ-ख्याल में बहुत खूबसूरत हो, 

तुम हो मेरे मन में पर करार नहीं, 
यानि ऐसा है, जैसे जुदाई हो पर प्यार नहीं,

है मेरी आरजू की मेरे सिवा, 
मेरे रूह-ऐ-ज़िन्दगी भी चाहे तुम्हें,

तुम मेरी सोच हो सिर्फ जाना, 
पर मैंने मेरी सोच से भी 
पाकीजा बनाया तुम्हें,

कैसे छोड़ दूँ सोचना तुम्हें जाना, 
तुम मेरी ज़िन्दगी की आदत हो, 

और मै क्यों अपनी छोटी अल्फाज़ से 
तुम्हें लिख रहा हूँ जाना,
तुम तो खुद से भी खूबसूरत हो,

दास्ताँ ख़त्म होने वाली है,
तुम मेरी सबसे खूबसूरत 
ना मिलने वाली मोहब्बत हो,

दिल-ऐ सुकून,अल्फाज़-ऐ-एज़ाज़ 

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